रविवार, 2 नवंबर 2025

दिल के नैना देख उघार , घट में पावेगा दिलदार ।। धृ।। बैठ एकांत शोध कर पूरा प्रवृत्ति को कर दे दुरा निवृत्ति में सुरति धार ।। १।। छूट जावे माया का थारा मिट जायेगा घोर अँधेरा फिर दिलदार की सूरत निहार ।। २।। दल ऊपर दल चढ़ जा ख़ासा आखरी दल पर कर ले बासा अनहद नाद की सुन झंकार ।। ३।। लालदास का वो रखवारा श्याम सलोना सुन्दर प्यारा मिल उनसे हो बेड़ापार ।। 4

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