हे सर्व शक्तिमान
मैं आपकी अज्ञान बालक हु
मेरे शरीर मे आपका निवास हो
मेरे सब कर्म आपकी सेवा हो
कर्मो से उतपन्न पापो की क्षमा हो
मैं आपकी अज्ञान बालक हु
ॐ शांति शांति शांति
है सर्व शक्तिमान
मैं आपसे प्रार्थना करती हूं
मेरे दुर्गुण दुराचार मिटाओ
काम क्रोध लोभ को समाप्त करो
मोह मद मत्सर का अंत करो
मैं आपसे प्रार्थना करती हूं
ॐ शांति शांति शांति
है सर्व शक्तिमान
मैं आपकी शरण मे आयी हु
कर्मेन्द्रियों को अच्छी कार्य शक्ति दो
ज्ञानेन्द्रियो को अच्छी ज्ञान शक्ति दो
मन बुद्धि को अच्छी आत्म शक्ति दो
मैं आपकी शरण मे आयी हु
ॐ शांति शांति शांति
है सर्व शक्तिमान
मैं आत्मसमर्पण करती हूं
सद्गुण प्रेरणा आत्मबल दो
ध्येय प्राप्ति का सिद्ध मार्ग दिखाओ
सुख शांतिदायक कर्म कराओ
मैं आत्म समर्पण करती हूं
ॐ शांति शांति शांति
है सर्व शक्तिमान
मैं आपकी कृपाभिलाषी हु
आप माता हो मा की ममता दो
आप पिता हो पिता का प्यार दो
आप गुरु हो समर्थ बनाओ
मैं आपकी कृपाभिलाषी हु
ॐ शांति शांति शांति